प्रारंभिक
Prarambhik
Examination conducted by Akhil Bharatiya Gandharva Mahavidyalaya Mandal (ABGMVM)
सूचना
इस परीक्षा में स्वर और ताल से परिचित होना तथा उसका क्रियात्मक संगीत में साधारण प्रयोग करना विद्यार्थी से अपेक्षित है। इस परीक्षा के लिए शास्त्रीय ज्ञान की जांच क्रियात्मक के समय मौखिक रूप में की जायेगी।
शास्त्र
पाठ्यक्रम के रागों का वर्णन (ठाठ, स्वर, समय, वादी, संवादी, आरोह-अवरोह) ताल: कहरवा, दादरा, तथा त्रिताल का ज्ञान। हाथ से ताली देकर बोलने का अभ्यास सोलह मात्राओं के समान आठ मात्राओं का त्रिताल (मध्यलय) भी प्रमाणित है।
क्रियात्मक
स्वरज्ञान
शुध्द स्वर, अलग अलग तथा सरल समुदाय में गाना-बजाना तथा पहचानना निम्नलिखित स्वर अलंकारों से प्रारंभिक परिचय।
अलंकार
- 1 सारेगमपधनीसां
- 2 सारंग, रेगम, गमप सानीध, नीधप, धपम
- 3 सारेगम, रेगमप, गमपध सांनीधप, नीधपम
- 4 सारेसारेग, रेगरेम.. .... सोनीसांनीध, नीध, नीधप
- 5 साग, रेम, गप, मध.. ...... सांध, नीप, धम
- 6 सा, सारेसा, सारेगरेसा सा सांनीसां, सांनीधनीसां
रागज्ञान
निम्नलिखित रागों में एक-एक बंदिश या गत स्वरतालबध्द गाना/बजाना।
Raags / राग:
इन सभी रागों के आरोह अवरोह और पकड़ गाना-बजाना तथा सरल स्वर समुदाय से राग पहचानना।
अंकपत्रिका
| विवरण | अंक |
|---|---|
| स्वर लगाना (सा. प. सां.) तथा एक अलंकार | 4 |
| पूछे गए रागों में से किसी एक राग में आरोह अवरोह के साथ बंदिश | 8 |
| अन्य एक राग का आरोह-अवरोह तथा बंदिश | 8 |
| आरोह-अवरोह सुनकर राग पहचानना (1 राग) | 4 |
| एक राग का आरोह अवरोह गाना | 6 |
| स्वर पहचानना | 6 |
| किसी एक ताल की जानकारी तथा दूसरे ताल का ठेका | 4 |
| शास्त्र (मौखिक) एक राग की संपूर्ण जानकारी | 6 |
| एक राग का वादी संवादी | 2 |
| एक राग का समय और विकृत/वर्ज्य स्वर | 2 |
| कुल | 50 |
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